याद करे दुनिया
सुहाने से सफर पर कुछ ऐसे चले हम यादो की सौगात ले कर कुछ ऐसे जिये सपनो को पंख दे कर कुछ ऐसे उड़े याद करे दुनिया की क्या खूब जिए वो । अपने अंदर का मासूम बच्चा जगाए छोटी छोटी पचकानी हरकतों से मन बहलाएं कुछ पल की ये गठरी है, यादो से इसे भर ले हम, कल जाने किस मोड़ पे दो राहो में बट जाय हम आज को कुछ यु जिये हम की याद करे दुनिया की क्या खूब जिए वो । इस जग के बड़े जमेले है,यहाँ सब संग संग पर अकेले है, यु तो आज़ाद है सभी बड़े यहाँ, लेकिन लोगो की नज़रों के पेहरे है, जियो कुछ ऐसी बेफिक्री और अदाएगी से, याद करे दुनिया की क्या खूब जिए वो ।